आयोजन

प्रकृति से प्यार की प्रवृत्ति रखे,पंडित शैलेश तिवारी

इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

इछावर नगर के श्री हनुमान मंदिर धर्मशाला पुराना बस स्टैंड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया। कथावाचक पंडित शैलेश तिवारी ने भगवान कृष्ण की बाल लीला, माखन चोरी व गोवर्धन पूजा का कथा के जरिए चित्रण किया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। गोवर्धन पूजन व छप्पन भोग की कथा का चित्रण करते हुए कहा कि, भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं कीं। बालकृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थी। मां उन्हें कहती थी कि प्रतिदिन तुम माखन चुरा के खाया करते हो तो वह तुरंत मुंह खोलकर मां को दिखा दिया करते कि, मैंने माखन नहीं खाया। कथा वाचक ने आगे कहा कि, भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर जाते हैं। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही हैं। कृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के दिन ही व्रसासुर को मारने वाले तथा मेघों व देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। इससे प्रसन्न होकर इन्द्र ब्रज में वर्षा करते हैं जिससे प्रचुर अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इन्द्र में क्या शक्ति है। उनसे अधिक शक्ति शाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है अत: हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। बहुत विवाद के बाद श्री कृष्ण की यह बात मानी गई और ब्रज में गोवर्धन पूजा की तैयारियां शुरू हो गई।

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