महाराष्ट्र

नोटिस जारी होते ही डीपीसी कार्यालय में छुट्टी से लौटे अधिकारी

राज्य शिक्षा केंद्र ने 34 जिलों के जिला परियोजना समन्वयकों को नोटिस जारी किया है

भोपाल,एमपी मीडिया पॉइंट

राजधानी के जिला परियोजना समन्वयक डीपीसी कार्यालय में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) की फीस को लेकर चल रही अनियमितता को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र का नोटिस जारी होते ही कोरोना संक्रमण से पीड़ित सभी अधिकारी तत्काल छुट्टी से लौट आए। अब उन्हें दोबारा वही काम दिया जाएगा कि नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। दरअसल निजी स्कूलों को आरटीई के तहत गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को मिलने वाली फीस को बीते चार सालों से अटकाने वाले भोपाल समेत 34 जिलों के डीपीसी को राज्य शिक्षा केंद्र आयुक्त लोकेश कुमार जाटव ने पिछले दिनों नोटिस जारी कर सात दिन में जबाव मांगा है। भोपाल डीपीसी कार्यालय में चार साल से आरटीई की फीस का भुगतान कई स्कूलों का नहीं किया गया है। यह सब वर्षों से जमे कर्मचारियों के कारण हो रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र के नोटिस के बाद जिला शिक्षा अधिकारी व प्रभारी डीपीसी नितिन सक्सेना ने डीपीसी कार्यालय में पदस्थ तीन कर्मचारियों के प्रभार को अन्य पर दे दिया था। यह तीन कर्मचारी प्रभारी एपीसी राजेंद्र श्रीवास्तव, एपीसी प्रदीप मालवीय व लेखापाल भगवान सिंह को कोविड 19 संक्रमण के कारण छुट्टी होने पर दिया गया। आदेश में राजेंद्र श्रीवास्तव का सीमा गुप्ता, प्रदीप मालवीय का रवींद्र जैन व भगवान सिंह का मनीष सरेयाम को प्रभार दिया गया। प्रदीप मालवीय वर्तमान में आरटीई की फीस प्रतिपूर्ति का काम देख रहे है। डीईओ का आदेश जारी होते ही आरटीई का काम देख रहे प्रदीप मालवीय कोरोना संक्रमण के कारण ली गई छुट्टी से तत्काल वापस लौट आए और कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करा दी। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना का कहना है कि तीनों कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के कारण अन्य को प्रभार दिया गया था। अब सभी छुट्टी से लौट आए हैं। डीपीसी कार्यालय में आरटीई की फीस का भुगतान निजी स्कूलों का समय पर करवाना प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अन्य कर्मचारियों की सेवाएं लेने पर भी विचार किया जा रहा है। एक-दो दिन में इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।

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