साहित्य का सोपान

हे माँ लक्ष्मी …

साहित्य का सोपान

😊दीवाली मुबारक हो आप सभी को
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हे माँ लक्ष्मी,,

दीये दीवाली के कुछ इस तरह जलवाना
अंतर की तीरगी को भी मिटाकर जाना
शिकवा शिकायत न आये इन लबों पर
अपनी रजा में रख दुःख क्लेश मिटवाना
दीये दीवाली के कुछ इस तरह जलवाना

हर घर में खुशियों के दीप जलते ही रहे
खाना मिले सबको न भूखा ही कोई रहे
कुबेर की किरपा हो तिजोरी सबकी भरे
ऐसा दिन ज़िंदगी में सबको तु दिखाना
दीये दीवाली के कुछ इस तरह जलवाना

शहीद न हो कोई जवान सरहदों पर
कोई क्रंदन न हो किसी भी लबों पर
आँखों से बेबसी के आँसू न छलकते हों
ऐसा वरदान दीवाली पर देकर जाना
दीये दीवाली के कुछ इस तरह जलवाना

बड़े बुजुर्गों को पूरा मान सम्मान मिले
अपने ही घर से न उन्हें कभी धक्के पड़े
खुशियों का ‘साया’ सबपर बना ही रहे
सबके दिलों में दया प्रेम का दीप जलाना
दीये दीवाली के कुछ इस तरह जलवाना
सुषमा कुमारी ‘साया’
गुरुग्राम (हरियाणा)

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