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चुनाव से पहले आदिवासी वोटरों को संभालने में लगी शिवराज सरकार,चुटकी में मिलेगा 50 लाख तक का लोन

शिवराज राजपूत
एमपी मीडिया पॉइंट

एमपी में आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब आदिवासियों को स्व-रोजगार के लिए 10 हजार से 50 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा।
शिवराज सरकार अब चुनावी मोड में आ गई है 1 साल बाद विधानसभा चुनाव में जिसको लेकर पार्टियों ने तैयारियां जोरों शोरों से शुरू कर दी है। घोषणाओं को देखेंगे तो लगेगा कि सभी 2023 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। अब शिवराज सरकार ने आदिवासियों और आधी आबादी को रिझाने के लिए बड़ा दांव चला है। जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 लाख तक की सहायता। जनजाति वर्ग के उत्थान और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर देने के लिए 50 लाख तक का ऋण देने का भगवान बिरसा मुंडा और टंटया मामा योजना में प्रावधान किया गया है। इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान भी संचालित किया जा रहा है। आदिवासी युवाओं को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए भगवान बिरसा मुंडा और टंटया मामा के नाम से दो योजनाएं चलाई है जिसमें युवाओं को एक लाख से 50 लाख तक का ऋण मिलेगा और स्वयं के रोजगार के साथ दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करायेंगे।
जनजाति कार्य विभाग ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना में आवेदक सेवा अथवा व्यवसाय के लिए एक लाख से 25 लाख तक ऋण ले सकेगा और निर्माण इकाई हेतु राशि एक लाख से 50 लाख तक का ऋण उपलब्ध होगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए 45 वर्ष तक के युवा को 8वीं पास होना जरूरी है। टंटया मामा आर्थिक कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए 55 वर्ष तक के व्यक्ति को 10 हजार से एक लाख तक ऋण दिया जाएगा। दोनों योजना का लाभ लेने के लिए एमपी ऑनलाइन के स्मार्ट पोर्टल के माध्यम से आवेदन किए जा सकते है। जिला कार्यालय से इस संबंधी में विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

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