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Sehore News:प्रसूता की मौत से नाराज परिजनों ने किया चक्काजाम-निजी अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप…

सीहोर,एमपी मीडिया पॉइंट

सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में डिलेवरी के बाद प्रसुता कि मोत पर परिजनों व अन्य लोगो ने किया चक्काजाम। इन्दौर भोपाल मार्ग पर किया चक्काजाम। नसरुल्लागंज के निजी इम्पोटेंप हॉस्पिटल का हैं। मामला
निजी हॉस्पिटल में 2 दिन पहले डिलेवरी के बाद प्रसुता कि हालत विगड़ने पर कल भोपाल में किया था रेफर जहां प्रसूता की मोत हो गईं थी। गुस्साए परिजनों ने चक्का जाम करते हुए नसरुल्लागंज थाना प्रभारी एसडीएम एवं बीएमओ को सौंपा ज्ञापन। प्रसूता के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों के गलत इलाज के कारण गंभीर स्थिति निर्मित हो गई थी। जिसके कारण भोपाल रेफर किया गया था प्रसूता को।

इस पूरे मामले में गुस्साए परिजनों ने एसडीएम थाना प्रभारी बीएमओ को सौंपा ज्ञापन ज्ञापन में कहा गया कि,प्रसूता के पति मनोज माहेश्वरी का कहना हैं की मेरी पत्नि को बच्चा होने वाला था इस लिए मेरे द्वारा मेरी पत्नि को दिनांक 27 नवंबर को इंमोटेक हास्पिटल में भर्ती किया गया था हास्पिटल द्वारा मेरे पत्नि को दिनांक 27 नवंबर को बेटी प्राप्त हुई लेकिन डिलेवरी के तीन दिन वाद हमे बताया गया कि आपकी पत्नि को अटेक आया है। आप इन्हें लेकर भोपाल जाए लेकिन हमारे सामने मेरी पत्नि को जो स्वस्थ थी पेशाब कराने के लिए पेशाब घर में ले गये यहाँ हास्पिटल की नर्स की लापरवाही के कारण गिर गई व जब हम पेशाब घर में पहुंचे तो वहाँ खुन ही खुन हो रहा था। और मेरी पत्नि के टाके पूर्ण रूप से नष्ट व कट गये थे। जिससे पेशाब घर में से बारह लेकर गये थे उसकी फोटो हमारे द्वारा मोबाईल से खिची गई थी वो हमारे पास सुरक्षित है। इसके उपरांत हास्पिटल के स्टाफ के द्वारा मेरी पत्नि को जब भोपाल ले गये और सर्वप्रथम फेक्चर हास्पिटल भोपाल मे गये यहा पर कारण नहीं बताया गया कि उन्हें हार्टअटेक आया था जब फेक्चर हास्पिटल में मूलभूल सुविधा नहीं होने के कारण मेरी पत्नि को हमीदिया हास्पिटल लेकर गये जहाँ उनके द्वारा पूर्ण प्रयास किया गया लेकिन मेरी पत्नि को बचाया नहीं जा सका। इस पूरे मामले में हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल द्वारा हमें बताया गया कि इमोटेप हॉस्पिटल की गलती के कारण तुम्हारी पत्नी की मृत्यु हुई है।
हॉस्पिटल कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर इसको बंद किया जाए।

हालांकि इस पूरे मामले में सीएमएचओ डॉक्टर सुधीर डेहरिया ने जांच के लिए तीन सदस्यीय चिकित्सकों की जांच समिति गठित की है। यह समिति 3 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति में तीनो चिकित्सक प्रथम श्रेणी स्तर के हैं।

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