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वंशवाद और राजनीति…राजेश शर्मा

राजेश शर्मा

संभवतया यह इछावर की राजनीति पर फिलहाल मेरा आखिरी लेख है फिर अगले सप्ताह आप-हम पहुंचेंगे सिद्धपुर (सीहोर) में जहां राजनीति कम और राजनीति का हैजा ज्यादा है। जहां हर तीसरे घर से नेता और एक पहलवान पैदा होता है।

बात रोकते हुए आगे बढते हैं कि राजनीति में वंशवाद का जब-जब भी जिक्र आएगा दो परिवार इछावर में ऐसे हैं जिनका नाम आदर से लिया जाएगा।
एक स्व.हरिसिंह परमार (जीसाहब) जमोनियाफतेहपुर से और दूसरा ग्राम नयापुरा से अनारसिंह ठाकुर का। एक “परमार” समाज से तो दूसरे “सैंधव” समाज से, और खासतौर पर यह कि इछावर विधानसभा में जीत-हार की चाबी दोनों ही समाजों की जेब में रखी होती है।संभावनाएं खत्म नहीं हुईं , वंशज हुंकार भर रहे हैं। भाजपा,कांग्रेस को करारी टक्कर देने निर्दलीय भी मैदान में उतर रहे हैं।

यह सन् 2023 का शाश्वत सत्य है। फिलहाल चर्चा में हैं विधायक करण सिंह वर्मा के पुत्र विष्णु दूसरे हैं कांग्रेस से बृजेश पटेल,, वंशजों की इस लड़ाई में निर्दलीय भी अपनी श्रेष्ठ भूमिका में रहेंगे।
भाजपा ने टिकट देकर नहीं नवाजा तो शंकर तांडव नृत्‍य करेंगे। नाम भी बताना उचित होगा कि दो बार के मंडी अध्यक्ष रह चुके शंकरलाल पटेल। शंकर पटेल इछावर विधानसभा क्षेत्र में न केवल अपनी विशिष्ठ पहचान रखते हैं बल्कि उन्हें एक लगनशील नेता के रुप में पहचाना जाता है। उन्होंने कृषि उपज मंडी का चुनाव बेहद दुर्गम परिस्थितियों में लड़ा। अपनों के ही विरोध के बावजूद जंग फतेह की।ग्राम अमलाहा से लेकर समूचे इछावर विधानसभा क्षेत्र में शंकर पटेल किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उन्होंने जनता की प्रत्येक समस्या को अपना समझा और बनते-हाल मैंदान में कूद पड़े।
दूसरा नाम आता है बृजेश पटेल(कांग्रेस) का जो हाल ही में संपन्न जिला पंचायत के चुनाव में सुनियोजित ढंग(तालमेल की कायर राजनीति) से हराये गए। बावजूद इसके उनकी राजनीतिक यात्रा बदस्तूर जारी है। एक बेहद ईमानदार परिवार की छवि उनका पीछा करती है। और साथ देने पर भी उतारु है।
अब बात आती है कांग्रेस के सीनियर लीडर , सहकारिता नेता अनारसिंह ठाकर की जिनके परिवार के नाम से ग्राम नयापुरा पहचाना जाता है। उन्हीं के पुत्र रविप्रताप सिंह अपनी अच्छी-खासी पहचान कांग्रेस में बना चुके हैं । मंच के कुशल संचालक हैं। राजनीति के दरवाज़े पर दशकों से दस्तक दे रहे हैं।
रामनारायण परमार स्व.हरिसिंह परमार का ध्वज़ थामे हैं। परिवार के सभी सदस्यों नें समाजसेवा में अपना दायित्व खूब निभाया। रामनारायण शा. महाविद्यालय इछावर के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। अभय मेहता की वजह से मार्केटिंग सोसायटी के अध्यक्ष भी। वे आज भी तैयार दिखाई देते हैं अपने राजनीतिक कैरियर की रक्षा के लिए लेकिन चुनाव लड़ने से कोसों दूर।

क्रमशः प्रत्येक रविवार

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