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इंफाल(मणिपुर): भूस्खलन की चपेट में 50 से अधिक जवान, 07 व्यक्तियों के मौत की खबर, रेस्क्यू जारी

प्राकृतिक आपदा/हादसा

भूस्खलन की चपेट में 50 से अधिक जवान, 07 व्यक्तियों के मौत की खबर, रेस्क्यू जारी

इंफाल: एजेंसी
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में लगातार भारी बारिश की वजह से बुधवार रात भूस्खलन की चपेट में आने से आम लोगों के साथ टेरिटोरियल आर्मी के कई जवान इसकी चपेट में आ गए।

यह घटना तुपुल रेलवे स्टेशन के पास हुई है। अब तक सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं जबकि कई लोग मलबे में दबे हैं। वहीं बड़े पैमाने पर मलबे गिरने के कारण इजेई नदी अवरुद्ध हो गई है, जिससे एक जलाशय बन गया है जो निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है।

नोनी के डिप्टी कमिश्नर ने जारी की एडवाइजरी
नोनी के डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि टुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण भूस्खलन के कारण 50 से अधिक लोग मलबे के अंदर दब गए हैं जबकि दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। इजेई नदी का प्रवाह भी मलबे से बाधित हो गया है, भंडारण की स्थिति अगर भंग हुई तो नोनी जिला मुख्यालय के निचले इलाकों में कहर बरपाएगा।

रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान घटी घटना

जानकारी के मुताबिक जिरीबाम को इंफाल से जोड़ने के लिए एक रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा था जिसकी सुरक्षा के लिए 107 टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को तैनात किया गया था। बुधवार रात को वहां पर भारी भूस्खलन हुआ। जिसमें कई जवान दब गए। गुरुवार सुबह सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस की ओर से बड़े पैमान पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। जिसमें साइट पर उपलब्ध इंजीनियरिंग उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है।

बचाव कार्य जोरों पर है। एनडीआरएफ की एक टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्यों में शामिल हो गई।
वहीं जानकारी के अनुसार अब तक 19 लोगों को बचा लिया गया है. घायलों का इलाज नोनी आर्मी मेडिकल यूनिट में किया जा रहा है. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को निकालने का काम जारी है. मृतकों की पहचान भारतीय सेना की 107 प्रादेशिक सेना के कर्मियों के रूप में की गई. ये लोग मणिपुर के नोनी जिले में तुपुल रेलवे स्टेशन के पास जिरीबाम से इंफाल तक एक निर्माणाधीन रेलवे लाइन की सुरक्षा के लिए तैनात थे।

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