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नीमच (मध्यप्रदेश): अवैध शराब के तस्कर एक साल के लिए अंदर..

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अवैध शराब के तस्कर एक साल के लिए अंदर 

63 बल्क लीटर अवैध शराब के तस्कर को 01 वर्ष का सश्रम कारावास।

नीमच (मध्यप्रदेश) 15 जून,2022
एमपी मीडिया पॉइंट

सुश्री संध्या मरावी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा मोटरसायकल पर 63 बल्क लीटर अवैध प्लेन शराब की तस्करी करने वाले आरोपी महेश पिता बापुलाल चौधरी, आयु-35 साल, निवासी-ग्राम काचरिया चन्द्रावत, तहसील-मल्हारगढ़, जिला-मंदसौर को धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अंतर्गत 01 वर्ष के कठोर कारावास व 25000रू. जुर्माने से दण्डित किया।

रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना 8 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 11.12.2018 को रात्री के लगभग 9 बजे थाना जीरन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम उगरान-कनघटी रोड़ की हैं। पुलिस थाना जीरन में पदस्थ एस.आई. मोहन नागदा को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई की दो व्यक्ति मोटरसायकल पर अवैध शराब तस्करी किये जाने हेतु लेकर खड़े हैं। मुखबीर सूचना की तस्दीग हेतु पुलिस जब मुखबीर द्वारा बताये गये स्थान पर पँहुची तो सड़क किनारे दो व्यक्ति एक मोटरसायकल पर पेटिया लिये हुए खड़े हैं। जिनकी घेराबंदी किये जाने के दौरान एक व्यक्ति अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भाग गया तथा दूसरे व्यक्ति को पकडा उसने उसका नाम कमलेश गुर्जर बताया तथा भागने वाले व्यक्ति का नाम महेश चौधरी बताया। आरोपी के कब्जे से जप्त मोटरसायकल पर 7 पेटिया रखी हुई थी, जिसमें प्रत्येक पेटी में 180 एम.एल. के 50-50 क्वाटर रखे हुए थे, इस प्रकार कुल 63 बल्क लीटर प्लेन शराब को जप्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध पुलिस थाना जीरन में अपराध क्रमांक 305/14, धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान एएसआई जे. एस. डामोर द्वारा फरार आरोपी महेश चौधरी को गिरफ्तार कर, शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग-पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान एक आरोपी कमलेश गुर्जर की मृत्यु हो जाने से आरोपी महेश चौधरी के विरूद्ध विचारण हुआ।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में जप्तीकर्ता अधिकारी, पुलिस फोर्स के सदस्यों तथा विवेचक के बयान कराते हुए आरोपी के कब्जे से अवैध शराब जप्त किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए उसको कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का तर्क रखा गया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अंतर्गत 01 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा की गई।

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