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क्या आप एक बेमकसद जिंदगी जी रही हैं…

विशेष

जयपुर राजस्थान से रेणु गुप्ता

जयपुर, – रेणु गुप्ता

क्या आप एक बेमकसद जिंदगी जी रही हैं?

आज भी हम में से कई महिलाएं अपने जीवन के स्वाभाविक प्रवाह के साथ एक तिनके की मानिंद बहती जाती हैं। माता-पिता ने कोई करियर बनने से पहले अच्छा घर और कमाऊ वर देख कर विवाह कर दिया, और फिर मात्र घर, गृहस्थी और बच्चों की जिम्मेदारियों की भूलभुलैया में आप ऐसी उलझीं, कि आपने इस बात पर कभी ध्यान ही नहीं दिया, कि पति के नाम से परे आपकी भी कोई स्वतंत्र पहचान हो सकती है।
मैं मानती हूं कि एक गृहणी की शख्सियत में अनेक भूमिकाएं छुपी हुई हैं । एक गृहणी मां के साथ-साथ अपने बच्चों की शिक्षिका, नर्स, केयरटेकर, न्यूट्रीशनिस्ट, सलाहकार, पथ प्रदर्शक, मित्र जैसे विविध किरदार निभाती है। अपने पति की सच्ची हमराह बन कर हर कदम पर उनका साथ निभाती है। और इस क्रम में वह अपने दायित्व सफलतापूर्वक निभाते हुए शिद्दत की खुशी एवं संतुष्टि पाती है। इसके बावजूद क्या आपको अपने मन का एक कोना खाली खाली प्रतीत नहीं होता? क्या आपको नहीं लगता, आपको भी अपनी ज़िंदगी में कुछ तो ऐसा करना चाहिए जो नितांत आपका अपना उद्यम हो। तनिक सोचिए, बच्चे जब तक छोटे हैं, उन्हें आपकी जरूरत है। लेकिन कुछ वर्षों बाद जब बच्चे आप का घोंसला छोड़ अपनी अपनी उड़ान पर निकल जाएंगे, तब आप क्या करेंगी?
इस प्रश्न का जवाब है, आपको थोड़ा महत्वकांक्षी बनना होगा। घर परिवार बच्चों से परे अपने लिए सोचना होगा कि आप जीवन में क्या पाना चाहती हैं ।
पति या घर के अन्य सदस्य आपको यह कहकर डिमोटिवेट कर सकते हैं कि अब इस उम्र में यह सब करके क्या हासिल होना है। इन प्रारंभिक बाधाओं से हतोत्साहित न हों। अपनी महत्वाकांक्षा को अपने ऐसे करीबी लोगों से शेयर करें जो आपको सदैव जिंदगी में ऊपर उठने के लिए प्रेरित करते हैं। आपकी तरक्की से खुश होते हैं। अपने मकसद को पूरा करने के लिए अपने आपको उत्साहित करने के लिए आप सेल्फ डेवलपमेंट पर आधारित पुस्तकें पढ़ सकती हैं। नेट पर सेल्फ मोटिवेशन संबंधित लेख भी पढ़ सकती हैं। इंस्पायरिंग औडियो वीडियो सुन देख सकती हैं। विभिन्न क्षेत्रों में सफ़ल लोगों से इंटरऐक्ट करिए। उनसे उन्ही की जुबानी उनकी सफलता की कहानी सुनिये और उससे प्रेरणा लीजिये। जब वो अपने जीवन में इतनी ऊंचाइयों तक पहुँच सकते हैं तो आप क्यों नहीं?
फिर अपनी योग्यता को खंगालें। सोचें आप कौन सा कार्य बेहद निपुणता और दक्षता से कर सकती हैं? एक नजर अपनी हॉबीज़ पर डालें। क्या युवावस्था में आप अच्छी पेंटिंग बनाया करती थीं, या अच्छे लेख और कविताएं लिखा करती थीं, या फिर आपकी पसंदीदा हॉबी शिक्षण, क्राफ़्ट, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, क्रोशिया, कुकिंग, ब्यूटी केयर, एंकरिंग, बेकिंग, चौकोलेट मेकिंग में से कोई एक थी, या विवाह से पहले आपने कंप्यूटर, डाइटिशियन, एस्ट्रोलॉजी, पामिस्ट्री, योग, नैचुरोपैथी, इवेंट मैनेजमेंट या किसी विदेशी भाषा की पढ़ाई की थी या प्रशिक्षण प्राप्त किया था लेकिन विवाह के उपरांत आप वह सब भुला बैठीं हैं। तो आज ही वरन अभी से उस पर जमी वक़्त की गर्द झाड़िए और उसे अपना मक़सद बनाइये। अपनी मनपसंद ऐक्टिविटी से आप किस तरह पैसा कमा सकती हैं, यह सोचिए। यदि आप उससे पैसा नहीं भी कमा पाएं तो भी उसे करना आपको बेहिसाब खुशी और संतुष्टि देगा।
याद रखें, बे मकसद जिंदगी एक बिना पतवार की नाव समान होती है। अतः आज से ही अपनी पसंदीदा गतिविधि को अपना थोड़ा समय देना शुरू करें, और अपने उद्देश्यहीन जीवन को एक सार्थक मकसद की सौगात दें। पूरी लगन और कठिन परीश्रम से एक न एक दिन सफलता अवश्य आपके कदम चूमेगी, और आप अपनी एक स्वतंत्र पहचान बना पाने पाने में समर्थ होंगी।
रेणु गुप्ता
मौलिक
जयपुर

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