राष्ट्रीय

यूक्रेन मामले पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान, विदेश जाने वाले 90 फीसदी छात्र भारत में क्वालिफायर भी पास नहीं कर पाते

यूक्रेन मामले पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान,
विदेश जाने वाले 90 फीसदी छात्र भारत में क्वालिफायर भी पास नहीं कर पाते

नई दिल्ली: यूक्रेन में फंसे भारतीयों छात्रों को निकालने के लिए चल रहे अभियान के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक बड़ा बयान दिया है।

जोशी का कहना है कि विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने जाने वाले 90 फीसदी स्टूडेंट भारत में क्वालीफायर तक पास नहीं कर पाते. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यह सही समय नहीं है, जब उन कारणों पर बात की जाए कि देश के लोग क्यों विदेश जाकर पढ़ाई करते हैं. दरअसल जो लोग विदेश से मेडिकल डिग्री हासिल करते हैं, उन्हें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एक्जामिनेशन (FMGE) पास करना पड़ता है, तभी वो भारत में इलाज करने के योग्य घोषित किए जाते हैं. द टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इसी संदर्भ में उन्‍होंने ये बात कही.

लगातार सामने आ रहे वीडियो

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का ये बयान ऐसे समय आया है जब सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स को निकालने की कोशिशों में जुटी हुई है और खारकीव में रूसी हमले में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र की मौत हो गई है. पिछले हफ्ते से जब से यूक्रेन पर रूस का हमला हुआ है, तब से लगातार भारतीय छात्रों के वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसमें वो जान बचाने और सुरक्षित स्वदेश वापसी की गुहार लगा रहे हैं. छात्रों का कहना है कि उन्हें पोलैंड, रोमानिया के लिए ट्रेनों में सवार नहीं होने दिया जा रहा है।

मीलों पैदल चलना पड़ा…

कुछ स्टूडेंट्स ने यहां तक आरोप लगाया कि कई बार यूक्रेनी सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ हाथापाई की और उन्हें ट्रेन से उठाकर बाहर फेंक दिया. बॉर्डर तक पहुंचने के लिए भी छात्रों को मीलों पैदल चलना पड़ा है, वो भी शून्य के नीचे हाड़ कंपा देने वाले तापमान में. उनके पास खाने-पीने का भी कोई खास इंतजाम नहीं है. मंगलवार को यूक्रेनी शहर खारकीव में हुए रूसी हमले में एक भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया.

विपक्ष लगा रहा देरी का आरोप

विपक्ष ने सरकार पर भारतीयों को निकालने के अभियान में देरी का आरोप लगाया है. कांग्रेस लीडर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट करते हुए सरकार पर प्रभावी कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. केंद्र सरकार उनकी वापसी के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close