मध्यप्रदेश

कोरोना गाइडलाइन को ताख पर रख चल रहा बच्चों का स्कूल

सीहोर से शिवराजसिंह राजपूत की रिपोर्ट

शिवराजसिंह राजपूत/विजय मालवीय
इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। और कोरोना के नए वेरिएंट ने पहले ही चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इछावर के स्कूलों में जो नजारा दिख रहा है। वो डराने वाला है। क्योंकि यहां ना सोशल डिस्टेंसिंग दिख रही,ना ही बच्चों के चेहरे पर मास्क

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने एक बार फिर लोगों कि चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस नए वेरिएंट को लेकर देश-दुनिया अलर्ट है इसके बाद भी यह लगातार फैल रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित प्रशासन प्रदेश को कोरोना से बचाने में लगा हुआ है। वही कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर ही प्रदेश में स्कूल 50 फीसदी क्षमता के साथ खोलने के निर्देश मध्य प्रदेश सरकार ने दिए है।

 

लेकिन सीहोर जिले के इछावर के स्कूल में जो नजारा दिखा वो कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है।

कोरोना का खतरा ना मास्क,ना सोशल डिस्टेंसिंग

संक्रमण के बढ़ते केस और नए वेरिएंट की आहट के बीच मध्य प्रदेश में स्कूल 50% क्षमता के साथ खोलने के निर्देश है। लेकिन स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। परंतु इछावर के सरकारी स्कूलों में इसका पालन होता नहीं दिख रहा।

इछावर के प्राइवेट स्कूलों में लापरवाही का आलम आ रहा नजर

इछावर विकासखंड के ग्राम भाऊखेड़ी में स्थित ईमानवाल कान्वेंट स्कूल मैं बड़ी लापरवाही शिक्षकों द्वारा बरती जा रही है। बच्चे खेल ग्राउंड में खेलते दिखे। इस दौरान ना तो अधिकांश बच्चों ने मास्क लगाया था। ना ही उनके बीच सोशल डिस्टेंस था। यहां तक की स्कूल के कई शिक्षकों ने भी मास्क नहीं लगाए हुए थे।

जिले में पैर पसार रहा कोरोना

बतादे की सीहोर जिले में भी तेजी से कोरोनावायरस से पैर पसार रहा है। यहां पिछले 5 दिनों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 39 हो गई है। और लगातार ही दिनों दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बाद भी यहां पर शिक्षक की लापरवाही प्राइवेट स्कूलों में दिखाई दे रही है जहां बच्चे मस्का नहीं लगा रहे हैं।

कोरोना से बचाव के लिए सरकार दे रही तरह-तरह की गाइडलाइंस

जबकि कोरोना से बचाने के लिए सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। बिना मास्क घूमने वालों पर प्रशासन लगातार ही चालानी कार्रवाई कर रहा है वही सरकार ने जेल में डालने तक का भी प्रावधान रखा है वही बिना मास्को वालों को पेट्रोल डीजल नहीं देने का भी प्रावधान सरकार ने रखा है। लेकिन इसके बाद भी प्राइवेट स्कूलों में इस तरह लापरवाही शिक्षकों द्वारा बरती जा रही है।

यह कहते हैं, बच्चों के अभिभावक

इधर अभिभावकों का कहना है कि कोरोना नए वेलियंट संक्रमण को देखते हुए वह बच्चों की सुरक्षा चाहते हैं बच्चे घर से मास्क लगाकर आते हैं पर वह स्कूल में मास्क लगा रहे हैं या नहीं इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होना चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि बच्चा जब खाना खाता है तो उनके बीच सोशल डिस्टेंस रहे। वहीं संक्रमण के बढ़ते केस को देखते हुए उन्होंने कहा कि आगे वह देखेंगे कि बच्चों को स्कूल भेजना है या नहीं।

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50% बच्चे स्कूल में आ सकते हैं। इसके बाद सभी बच्चे मास्क पहने और जो कोरोना गाइडलाइन हैं। उसका पालन करें। यदि किसी प्रकार की लापरवाही स्कूलों में बरती जा रही है तो कार्रवाई की जाएगी।

एम एस नेटी
बीईओ इछावर

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