सीहोर

जंगल से मिला अवैध सागौन की लकड़ी का जखीरा…

नफीस ख‍ान, नादान(इछावर)
एमपी मीडिया पॉइंट

इछावर वन परीक्षेत्र के धाईखेड़ा के जंगलों में रोजाना तेजी के साथ जंगलों की कटाई की जा रही है। जिससे जंगल में हरे-भरे पौधों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। पेड़ों की कटाई के कारण वन परिक्षेत्र कम होता जा रहा है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा अतिक्रमण भी देखा जा सकता है।

मामला इछावर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ब्रिजिसनगर वीट के धाईखेड़ा वनक्षेत्र के जंगलों का है इस क्षेत्र में धड़ल्ले से कटाई चल रही है। अतिक्रमण द्वारा जोरों शोरों से अवैध कटाई की जा रही है। देखरेख के अभाव में यहां कई ऐसे जंगल हैं, जहां बेरोक-टोक अवैध कटाई को अंजाम दिया जाता है।

वनमंडलाधिकारी सीहोर के द्वारा लापरवाही बरतने पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर कार्यवाही न करने से वन विभाग का अमला भी जंगलों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह नजर आ रहा है।

ताजा मामला है उप रेंज ब्रिजिशनगर के धाईखेड़ा का
यहां की हकीकत अगर देखी जाए तो पूरा जंगल खेतों में तब्दील हो चुका है। और कुछ जंगल खेतों में तब्दील होने जा रहा हैं, वन विभाग की लापरवाही साफ जाहिर होती है कि अतिक्रमणकारी जंगलों में सक्रिय हैं, जंगलों में सागौन के हरे-भरे पेड़ों को काटकर आग लगा दी जाती है जिससे लकड़ी की जड़ साहित पूरा पेड़ राख हो जाए उसके साथ-साथ लकड़ी भी जलकर राख हो जाए और यही नहीं आसपास के हरे भरे पेड़ों को काटकर एक जगह लकड़ियों को भेला करके उसमें आग लगा दी जाती है जिससे लकड़ी घंटों में आग से राक बन जाती है जंगल को किया जमींदोज अतिक्रमण द्वारा जंगल को किया जा रहा है बंजर हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा…

नाकेदार से पूछा गया कि यह लकड़ी कहां की है तो उनका कहना है कि या पुरानी लकड़ी है जो जंगल में पड़ी थी लेकिन लकड़ियों को देखकर लगता नहीं है कि यह पुरानी लकड़ियां है। साफ जाहिर होता है कि जंगल की कटाई का यह ताजातरीन मामला है;

यह कहते हैं ग्रामीण…

धाईखेडा बीट का हेल्पर बना घूमता है नाकेदार लोगों को डरा धमका कर वसूल ता है पैसे,

वन विभाग का नाका रहता है सुनसान,
जंगल के रक्षक मुख्यालय पर न रहकर शहरों से करते हैं अपडाउन जिससे माफिया और अतिक्रमणकारियों का लग जाता है दांव

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