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एक ये भी दिवाली है…… गृह व कन्या लक्ष्मी की पूजा

एक ये भी दिवाली है……
गृह व कन्या लक्ष्मी की पूजा

मेघा राठी, भोपाल एमपी मीडिया पॉइंट

दीपावली यानि लक्ष्मी पूजन का वह पर्व, जिसे देश भर में में मनाया जाता है। वह भी मां लक्ष्मी जे विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना कर के। उन्हीं लक्ष्मी जी के विभिन्न रूपों में से एक है गृह लक्ष्मी और कन्या का लक्ष्मी रूप । हम सभी यह जानते हैं और अक्सरकर अपने दैनिक जीवन में घर की बहू- पत्नी व बेटी के लिए इन संज्ञाओं का प्रयोग करते हैं किंतु क्या कभी वास्तव में हमने लक्ष्मी जी के इन सजीव रूपों को वह सम्मान दिया है जो देना चाहिए और जिसकी वह हकदार हैं भी। इस अनूठी परम्परा का निर्वाह करने वाले व्यक्तित्व को ऐसा करते देखना आधी आबादी के पूरे सम्मान को देखना है।
भोपाल निवासी श्री सौरभ सिंगी जी ने अनूठी मिसाल कायम की है ।यह प्रतिवर्ष दीपावली पर अपनी पत्नी व बेटी का पूजन कर उन्हें वस्त्र आभूषण आदि भेंट करते हैं। आरम्भ में उनकी पत्नी उन्हें ऐसा करने से मना करती थीं परन्तु सौरभ जी का तर्क था कि दीपावली लक्ष्मी पूजन का दिन है तो मैं अपने घर की लक्ष्मी की अवहेलना कैसे कर सकता हूं, गृहलक्ष्मी के बिना घर शून्य हो जाता है। बाद में अपनी पुत्री के जन्म के पश्चात उन्होंने सिर्फ कहने भर के लिए उसे लक्ष्मी नहीं कहा बल्कि उसे माना भी। यह बात कभी सामने नहीं आती अगर उनकी बेटी ने इन फोटोज़ को व्हाट्सअप पर शेयर नहीं किया होता। मैंने वहीं से स्क्रीन शॉट लिए। सौरभ जी की विचारधारा ने मुझे बहुत प्रभावित किया। जिस देश में नारियों को देवी का दर्जा दिया गया है किंतु उसके बाद भी उनकी अस्मिता के लिए ‘ महिला दिवस ‘ जैसे दिन मनाने पड़ जाते वहां इस तरह के दृश्य मन में सुकून के साथ भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान भी भर देते हैं। बहुत- बहुत साधुवाद सौरभ सिंगी जी व उनके परिवार को।

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