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ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस का अवैध भंडारण मनमाने दामों में बेच रहे एलपीजी सिलेंडर

सब नीचे से लेकर ऊपर तक की सेटिंग का नतीजा

शिवराजसिंह राजपूत
इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

एलपीजी (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) से चलने वाले दुपहिया वाहन दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। नियमों के विरुद्घ घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर से वाहनों में गैस भरी जा रही है। इससे न सिर्फ वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। अपितु दुर्घटना की आशंका भी रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम बिक रहा एलपीजी गैस सिलेंडर जिसके कारण बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।

सीहोर जिले के इछावर के ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस का अवैध भंडारण एवं अवैध कारोबार बना हुआ है। जिसमें दीवड़िया,नयापुरा, झालकी, सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध भंडारण है। जिन पर प्रशासन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग से व्यापारियों की अच्छी-खासी सेटिंग है।

इछावर तहसील में अवैध रूप से चल रहे गैस रिफिलिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कहीं भी एलपीजी पंप मौजूद नहीं है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी लाइसेंस और अन्य औपचारिकता पूरी किए गैस रिफिलिंग की जा रही है। नियमों के विरुद्घ घरेलू एलपीजी का उपयोग वाहनों में किया जा रहा है। यह घरेलू गैस की किल्लत का कारण बन रहा है। तो गैस रिसाव से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। दुपहिया वाहन चालक भी रुपए बचाने के चक्कर में एलपीजी गैस से वाहन चला रहे हैं।

दोनों गैसों में अंतर

घरेलू एलपीजी गैस का उपयोग सिर्फ भोजन बनाने के लिए किया जा सकता है। जबकि ऑटो एलपीजी गैस का इस्तेमाल वाहनों में होता है। एलपीजी गैस को रिफाइन करने के बाद ऑटो गैस बनाई जाती है। वाहनों में कंपनी द्वारा फीड की गई गैस किट सिर्फ ऑटो एलपीजी गैस के लिए तैयार की जाती है। घरेलू गैस का उपयोग करने पर गैस लीक होने जैसी समस्या से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा इंजन को भी नुकसान होता है।

रुपए बचाने के

लगभग 900 रुपए घरेलू गैस में चार पहिया वाहन 300 किमी तक चल जाते हैं जबकि 900 रुपए के पेट्रोल में वाहन 90 किमी चल सकता है। इसी तरह से दुपहिया वाहनों में 2500 रुपए में गैस किट लगती है।

स्कूली बच्चों को खतरा

घरेलू गैस का उपयोग निजी वाहनों के साथ ही टैक्सी और स्कूल वाहनों में अधिक किया जा रहा है। स्कूली वैन और अन्य वाहनों में हो रहे उपयोग से बच्चों की जान को भी खतरे में डाला जा रहा है। बतादें कि इछावर क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में एलपीजी गैस का अवैध भंडारण है । आखिर इसके पीछे दोषी कौन ? क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

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आपकी तरफ से यह जानकारी मेरे संज्ञान में आई है। संबंधित सभी ठिकानों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी और इसमें लिप्त व्यक्तियों के भी खिलाफ कार्रवाई होगी।

विष्णु प्रसाद यादव,एसडीएम इछावर

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इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी एस के तिवारी से भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी कारणवश वह कॉल रिसीव नहीं कर पाए।

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