साहित्य का सोपान

लिखना है मेरी ज़िंदगी…

लिखना है मेरी ज़िंदगी

लिखना मेरी जिंदगी है,
लिखना मेरी सांस है।
मेरी आस,मेरा विश्वास है।
मेरी कलम मेरे लिए खास है।
दुःख दर्द कितना भी हो,
कलम है तो शब्द हैं,
शब्द हैं तो मुझमें श्वास है।
मैं जीना चाहती हूं ,
अपने शब्दों में,
अपने दर्द में,
हर घूंट पीना चाहती है ,
कलम और स्याही ,
मेरी बेबसी का,
मेरे आंसुओं का,
और दर्द उपरांत,
उस हौंसले का ,
जो आग बनकर फूटता है
ज्वालामुखी सा रोद्र ,
और जला देता मेरे भीतर,
मेरे असंख्य अवगुणों को।
और प्रदान करता है शीतलता।
इसीलिए तो प्रिय है मुझे,
मेरी कलम, मेरे शब्द और
मेरी लेखनी।
जीवन देती है मुझे,
मेरी लेखनी।

कौशल बंधना पंजाबी
नंगल डेम, पंजाब

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close