सीहोर

फिर-भ्रूण- हत्या-क्यों….

फिर-भ्रूण- हत्या-क्यों ?

परम पूज्य महारानी ,महादुर्गा,
शक्ति स्वरूपा देवी है
हम कहते हैं जन्म हमारे
घर लक्ष्मी आई है ।

सहनशील है ,वह प्रकृति है ,
वह धरती है
स्त्री स्वभाव वश ही कोमल
माँ की छवि को सजाए रखती
वह निर्मल ही बहती है।

कुछ लोग न मान सोचते,
चला लेगें बिन बेटी के
कन्या जन्म विवाह, दहेज है,
जन्म से ही भार बोझ है ।

केवल बड़े दिलवाले ही
सोचते बेटी सुख दे जाएगी
जाकर उस घर में भी
हमारी कुशल क्षेम पूछ जाएगी।

देवी पूजने का ढोंग अष्टमी
छोटी लड़कियों को ढूंढते
अपने घर में जन्मी लक्ष्मी
भ्रूण होते ही मार देते ।

मां -बाप ही जानें दान देवी का
शक्ति से केवल इतना लें लो
दिल बड़ा हो ,जन्म सफल हो
नवरात्र का पूजन फलस्वरूप हो ।

प्राणधन है तो ही जीवन है ,
जीवन में सब की अपनी अहमियत ,
तो फिर यही संकल्प है करना
हे देवी,तुम शक्ति दो
हम तुम्हारे स्वरूप को समझें
और तुम्हारे हर रूप को पूजें ।

आरती गुप्ता , सूरत, गुजरात

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