साहित्य का सोपान

गजानन के कृपा की यात्रा

जयंत शाह,सीहोर

दगडु सेठ पूना

आज चलते हैं महाराष्ट्र के विश्व प्रसिद्ध दगड़ू सेठ गणपति के दर्शनार्थ .।
आप कहेंगे भगवान गणेश के विभिन्न नाम जैसे विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य ,विनायक, लंबोदर, पार्वती नंदन तो हमने सुने हैं यह दगड़ू सेठ कौन है।कोलकाता के प्रसिद्ध हलवाई दगडूसेठ अपने मिठाई के व्यापार का विस्तार करते हुए पुणे पहुंच गए। पुणे में उनका मिठाई का व्यवसाय बहुत अच्छा चल रहा था परंतु जब पुणे में प्लेग नामक महामारी फैली तब दगडूशेठ के इकलौते पुत्र की मृत्यु हो गई।

सेठ बहुत ही व्यथित रहने लगे उसी समय इंदौर से पधारे उनके आध्यात्मिक गुरु माधवनाथ महाराज ने सलाह दी कि, अपनी और शहर की शांति के लिए एक गणेश जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराएं। जिस तरह बच्चे अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हैं इस मंदिर के निर्माण के बाद आपका नाम सदियों तक अमर हो जाएगा।
अपने गुरु की सलाह पर

1893 मे दगडुसेठ हलवाई और उनकी पत्नी लक्ष्मी बाई ने पुणे में एक भव्य गणेश मंदिर बनवाया।

भारतवर्ष में सार्वजनिक गणेश उत्सव की परंपरा
की शुरुआत

यही वह मंदिर है जहां से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक भारत की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने के लिए ने गणेश उत्सव की शुरुआत की थी। जिस का भव्य रूप आज संपूर्ण भारतवर्ष में देखने को मिलता है।

खाली हाथ नहीं लोटता यहां से कोई भक्त निराला

मंदिर के निर्माण में वास्तु का पूरा ध्यान रखा गया है। लगभग 127 वर्ष पुराने गणेश मंदिर से अपने मन की मुराद लेकर आया कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं जाता । दगडूशेठ हलवाई के नाम से प्रसिद्ध मंदिर मे स्थापित प्रतिमा 7:5 पीठ ऊंची एवं 4 फीट चौड़ी है। करीब 8 किलो सोने का उपयोग प्रतिमा बनाने में किया गया है।

ट्रस्ट द्वारा अनुकरणीय और अनुमोदनीय पहल

दगड़ू सेठ मंदिर ट्रस्ट के द्वारा करीब 10 वर्षों पहले पुणे के सरकारी अस्पताल में भोजन वितरण का कार्य प्रारंभ करवाया गया प्रतिदिन लगभग 3000 लोगों को आधुनिक भोजनशाला मैं बनाया गया भोजन वितरित किया जाता है।

वृद्ध आश्रम

जिस तरह भगवान गणेश ने अपने माता पिता को ही संपूर्ण प्रकृति मानते हुये माता पिता की परिक्रमा करके संदेश दिया था उसी के अनुसार
दगड़ू सेठ मंदिर ट्रस्ट द्वारा ही वृद्ध आश्रम पुणे में संचालित किया जाता है।

शिक्षा के क्षेत्र में पहल

दगड़ू सेठ मंदिर ट्रस्ट द्वारा ही पुणे में आधुनिक आईटीआई संस्थान का भी संचालन किया जाता है जिसमें गरीब बच्चों को बहुत ही कम फीस में रोजगार उन्मुख तकनीकी शिक्षा प्रदान की जाती है।
पुणे शहर में प्रसिद्ध दगडूशेठ मंदिर में विराजित भगवान श्री गणेश की कृपा भक्तों पर बरसती रहे ऐसी प्रार्थना के साथ
जय गणेश जी महाराज

जयंत शाह,सीहोर

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