धर्मसीहोर

आदि देव गणपति चार युगों मे चार अवतार…,जयंत शाह,

धर्म

जयंत शाह,सीहोर

गणपति आदिदेव है। गणपति सनातन है।

भगवान गणेश सतयुग, त्रेता युग , द्वापरयुग एवं कलयुग चारों युगों में अलग-अलग रूप में अलग-अलग वाहन के साथ अवतार लेते हैं।

सत युग :

सतयुग में गणपति सिंह पर सवार होकर प्रकट हुए। भगवान गणेश की 10 भुजाएं थी एवं भगवान गणेश का नाम विनायक था। पुराणों के अनुसार इनको सिंह वाहन माता पार्वती से प्राप्त हुआ था।नेपाल मे आज भी इस रूप मे अधिक मान्यता है। महाराष्ट्र के जलगांव एवं राजस्थान के बीकानेर मे जाने-माने मंदिर है।

त्रेता युग :

त्रेता युग में भगवान गणेश मोर पर सवार होकर प्रकट हुए तब उनका नाम मयूरेश्वर पड़ा।
मयूरेश्वर मंदिर आज भी महाराष्ट्र के पुणे के निकट मोरगांव मे भव्य रूप में बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर मयूरेश्वर के दर्शन लाभ प्राप्त करते हैं। भारतवर्ष के महाराष्ट्र राज्य के पूणें शहर से 65 किलोमीटर दूर मोरगांव मे यह मंदिर अष्टविनायक नामक आठ पूजनीय गणेश मंदिरों के
तीर्थ यात्रा का आरंभ एवं अंतिम बिंदु है।

द्वापर युग :

द्वापर युग में गणेश जी मूषक पर सवार होकर प्रकट हुए।पूरा शरीर लाल वंर्ण वाला एवं चारभुजा धारी हैं। नाम गजानन है। वर्तमान में इसी रूप में भारतवर्ष में पूजे जाते हैं।

कलियुग :

कलयुग में भगवान गणेश घोड़े पर सवार होकर आएंगे। इस अवतार मे दो हाथ होंगे।
नाम होगा धूम्रकेतु।

जयंत शाह,सीहोर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close