UNCATEGORIZED

एक ऐसा गांव,जहां आज तक नही बनी सड़क,जानें इसकी क्या है हकीकत

इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

इस गांव तक अभी तक पक्की सड़क ही नहीं गई है। ग्रामीण इके लिए अधिकारियों और नेताओं से कई बार मिल चुके हैं। सीहोर जिले के इछावर तहसील क्षेत्र में एक ऐसा भी गांव हैं जहां आजादी के सात दशक बाद भी सड़क के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। यही नहीं, यह गांव विकास कार्यों से भी कोसों दूर है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आज भी यहां के ग्रामीण कच्चे मार्ग से गांव में आने-जाने को विवश हैं।

ग्रामीण कृपालसिंह मेवाड़ा

ब्लाक से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर है गांव

ब्लाक मुख्यालय इछावर से मात्र 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम लेकिन इछावर से पांगरा तक तो रोड हैं लेकीन पांगरा से सेंधोखेड़ी में जाने के लिए आज तक कोई सुगम रास्ता नहीं बना है। विद्यार्थियों को विद्यालय तक मिट्टी से बनी चकरोड से होकर अपना सफर तय करना पड़ता हैं।

सबसे अधिक समस्या बरसात के दिनों में

सबसे अधिक समस्या बरसात के दिनों में होती है। जहां कीचड़ से सनी सड़क पर पैदल,साइकिल तथा स्कूली बच्चों को काफी मुसीबतों से होकर गुजरना पड़ता है।

नेताओं से दुखी हैं ग्रामीण

ग्रामीण कृपाल सिंह,चंदरसिंह,प्रेमसिंह, कुँवर जी,देवकरण,दीपक राजपूत,गुलाबसिंह,रामचरण, राकेश,धरमसिंह,भैरूसिंह, रामसिंह,रामकिसन,संतोष, करणसिंह,मुकेश मेवाड़ा,मांगीलाल कोरकू, महेन्द्र मेवाड़ा,दोलत मेवाड़ा,आदि का कहना है कि हर बार चुनाव में राजनीतिक दल के लोग सड़क कराने का वादा करते हैं। लेकिन फिर पलट कर इस गांव की तरफ नहीं देखते। ग्रामीणों ने बताया कि खराब रास्ते में जैसे तैसे पैदल निकल जाते थे लेकिन अभी कुछ दिन पहले नलकूप योजना के तहत गांव में नाली खुदाई का काम चल रहा है जिसके कारण ठेकेदार ने नाली खोदकर रास्ते पर कीचड़ ही कीचड़ कर दिया है नाली से निकली मिट्टी को रोड पर डाल दिया है जिसके कारण पैदल चलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अब नही सहेंगे शीध्र गांव में सड़क नहीं बनी तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। और आने वाले समय में बोट नही देकर चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close