मध्यप्रदेशसीहोर

हड़ताल से ठप हैं,पंचायतों का काम काज…

सचिवों की हड़ताल का तेहरवा दिन,कामकाज के लिए परेशान हो रहे ग्रामीण..

शिवराजसिंह राजपूत
इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

सीहोर जिले के इछावर ब्लॉक में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक 22 जुलाई से ब्लॉक परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ हैं।

हड़ताल का खमियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा हैं। ग्रामीण इलाकों में पंचायतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका हैं। हड़ताल के कारण इस तरह लगे ग्राम पंचायतों में ताले..

जिससे लोगों को अपने काम करवाने के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल 13 दिन से जारी है और तब से ही पंचायतों में कामकाज बंद है। नयापुरा गांव के निवासी कालू मालवीय पिछले दस दिनों से ग्राम पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी परेशानी केवल इतनी सी है कि उनका प्रधानमंत्री मंत्री आवास आई थी। लेकिन 2 क़िस्त आई हैं। लेकिन तीसरी क़िस्त के लिए के लिए ग्रामीण 10 दिनों से पंचायत एवं जनपद के चक्कर लगा रहा हैं। लेकिन हड़ताल के चलते पंचायत बंद है। और कोई काम नहीं हो रहा। इसी तरह अन्य लोग भी अपने पंचायतों पर पड़े ताले से परेशान हैं। बरखेड़ा कुर्मी में निवासी मीना मालवीय के पति महेश मालवीय एवं उनके ससुर रामसिंह मालवीय की मृत्यु कोरोना काल मे हो चुकी थी। लेकिन मीना मालवीय का कहना हैं,की मेरे पति एवं ससुर की मृत्यु कोरोना चुकी है। मेरे घर मे कमाने वाला कोई नही हैं। मेरे 2 लड़की एवं 1 लड़का हैं। लेकिन अबतक ना तो संबल योजना का लाभ मिला हैं। और ना ही कोरोना में मृत्यु होने वालों को योजना का लाभ देने का आश्वासन सरकार ने दिया था ना ही वह मिला है। मीना मालवीय का कहना हैं,की पंचायत में पहुंच रही हैं लेकिन हड़ताल से कामकाज ठप है और ये भी नहीं पता कि पंचायत कब खुलेगी।

व्यवस्था प्रभावित

ग्राम पंचायतों में चलने वाले काम काज हड़ताल के कारण अटक गए है। ऐसे में हड़ताल ग्रामीण व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। बड़ी ग्राम पंचायतों में सफाई और पानी की व्यवस्था भी प्रभावित है। भाऊखेड़ी,दीवडिया,नयापुरा, खेरी,ग्राम पंचायतों में दैनिक कामकाज अब बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

पंचायत सचिव संगठन की मांग

पंचायत सचिव संगठन ने बताया कि हमारी मांगे यह है,कि पंचायत सचिवों को 1 अप्रैल 2018 से दिए गए छठवें वेतनमान निर्धारण में सेवा काल की गणना 1 अप्रैल 2008 से की गई है छठवें वेतनमान की गणना नियुक्त दिनांक से की जाए एवं सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए। पंचायत सचिवों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संविलियन किया जाए।और समन्वयक अधिकारी के रिक्त समस्त 100% पदों पर पंचायत सचिवों की पदोन्नति की जाए। वही प्रदेश की अनुकंपा के लगभग 600 प्रकरण लंबित जिस जिले में जिस संवर्ग का पद खाली नहीं है उन्हें अन्य जिले में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
और स्थाई पेंशन लागू नहीं होने पर सेवा निवृत्ति पर पंचायत सचिव को ₹500000 अनुग्रह राशि दी जाए।

ग्राम रोजगार सहायक संगठन की मांग

ग्राम रोजगार सहायक संगठन की मांग है कि बगैर अपील और बगैर वकील बगैर दलील सेवा समाप्त कर दी जाती है तो अब यह नहीं चलेगा अब सेवा समाप्त के स्थान पर निलंबन किया जाएगा एवं निलंबन अवधि में गुजारा भत्ते की पात्रता होगी।
मई 5 जून संविदा नीति में ग्राम रोजगार सहायक को शामिल करते हुए नियमित कर्मचारी के समक्ष 90% वेतनमान दिया जाए। ग्राम रोजगार सहायक भर्ती नियम 2009-10 के अनुसार पूर्व कालीन संविदा पर थे किंतु 2012-13 में नीति में आश्रम कालीन किया है उसे तत्काल हटाते हुए संविदा पर पूर्ण कालीन किया जाए। और रोजगार सहायक की मृत्यु होने पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता एवं उनके परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। सहित विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं।

सचिव संगठनों की प्रदेश व्यापी हड़ताल है,अभी देखते हैं क्या होता है।

हर्ष सिंह
जिला पंचायत सीईओ सीहोर

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