सीहोर

सज्जन के किले में राजा की सेंधमारी

दिनेश शर्मा
आष्टा,एमपी मीडिया पॉइंट

बीते दिवस शहर कांग्रेस के सामूहिक श्रधांजलि कार्यक्रम में आष्टा आये पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजयसिंह का एक व्यक्ति विशेष के यहाँ रुकना अनेको सवालों को जन्म देते हुए शहर में चर्चा का विषय बना।

बदले बदले से सरकार नजर आते है, बर्बादी के आसार नजर आते है

यह शेर सटीक दिखाई दे रहा है। बीते दिवस दिग्विजयसिंह के दौरे के बाद आपको बता दे शहर में जेनधर्मशाला मेंकांग्रेस द्वारा कोरोना काल मे दिवंगत हुए लोगो को याद करते हुए एक सामूहिक श्रधांजलि कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमे दिग्विजयसिंह अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए थे, लेकिन सामूहिक कार्यक्रम से पहले दिग्विजय सिंह किलेरामा स्थित पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार के निवास पर रुके ओर वहां उनके दिवंगत भाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी बीच कैलाश परमार की बहू राखी परमार को दिग्विजयसिंह ने सपत्नीक आशीर्वाद दिया।
शहर में जिस तरह की खुसुर पूसुर चर्चाएं चल रही है। उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि दिग्विजय सिंहओर उनकी पत्नी अम्रता सिंह आगामी नगरीय निकाय चुनाव की प्रति भी राखी परमार को आश्वस्त कर गए। यह बात कितनी सही है यह अभी बताना तो मुश्किल है पर भविष्य में स्थिति साफ हो सकती है ।
चल रही चर्चाओं पर या इस तरह की अपुष्ट खबरों पर अगर यकीन करें तो सीधा सीधा अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बहाने से राजा स्वंय को प्रदेश कांग्रेस संगठन ओर कमलनाथ, को सीधे से चुनोती दे रहे है। वही आष्टा से विशेष आत्मीयता रखने वाले प्रदेश के कद्दावर नेता सज्जनवर्मा के कद को भी छोटा कर रहे है। सब भली भांति जानते हैं। कि सज्जनवर्मा का यह राजनीतिक क्षेत्र भी है। ऐसे में राजा की यह सेंधमारी कितनी सफल होगी यह तो भविष्य तय करेगा।किन्तु अभी तो दिग्विजयसिंह के इस दौरे ने स्थानीय कांग्रेस सहित पूरे शहर में बवाल मचा दिया है, ओर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस मामले में शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एजाज उर्रहमान ने भी स्वीकारा की अगर ऐसा हुआ है तो यह गलत है। संगठन सर्वोपरि है व्यक्ति नही।

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