मध्यप्रदेश

अगर आशियाना बसाना है तो 10 हजार रुपये दो,

मामला इछावर ब्लाक के गाजीखेड़ी पंचायत का,

प्रधानमंत्री आवास योजना तहत आवंटित आशियाना रिश्वत के घेरे में,

हितग्राही ने मीडिया को आडियो प्रस्तुत कर बताई आपबीती
कहा- सरपंच से तंग आ चुका हूँ। लीजिये सुनिए पूरी बात

इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

गरीब और जरुरतमंदों को सरकार द्वारा पक्की छत मुहैया करा रही है। लेकिन इसमें भी जमकर मनमानी हो रही है। हितग्राही मूलक हर योजनाओं को शासन-प्रशासन द्वारा ऑनलाइन किए जाने का दावा किया गया है। यह ऐसा इसलिए किया गया है ताकि भ्रष्टाचार न हो। सीधे हितग्राही लाभान्वित हो लेकिन ग्राम पंचायतों में अभी भी जमकर धांधली हो रही है।
इछावर ब्लाक में अब इन सबके बीच प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।

ओमप्रकाश वर्मा 

मामला सीहोर जिले के इछावर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गाजीखेड़ी का हैं। जहां ग्राम पंचायत सरपंच की मनमानी को लेकर ग्रामीण परेशान हैं।
सरपंच ओमप्रकाश मालवीय गलत कार्यशैली के चलते यहां के विकास कार्यों में ग्रहण लगा चुका है। इस उपेक्षाओं गाज सहन करता आ रहा ग्राम गाजीखेड़ी अब घटिया राजनीति का शिकार बताया जा रहा है। ग्राम प्रधान ही सरकार की योजनाओं से लाभांवित करने गरीब ग्रामीणों से 10 हजार रुपये की मांग कर रहा है।ग्राम की न तो क्षेत्र के विधायक कोई सुध ले रहे हैं। और न ही शासन की विकास योजनाएं कहीं दिखाई दे रही हैं। हालत यह है, कि यहां के सरपंच पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों से 10-10 हजार रुपए लेने का आरोप लगे हैं।

 

विष्णु प्रसाद यादव एसडीएम इछावर

ग्रामीण ने लगाए सरपंच पर पैसे मांगने का आरोप,ऑडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर प्रस्तुत की जो हमारे पास सुरक्षित है।गाजीखेड़ी निवासी ओमप्रकाश वर्मा पिता नर्मदा प्रसाद का कहना है,कि मेरी माता सुल्तानबाई पत्नी नर्मदाप्रसाद के नाम पर प्रधानमंत्री आवास आई है। ग्रामीण ओमप्रकाश का कहना है,कि मुझे सरपंच द्वारा कहा गया कि तुम्हारी प्रधानमंत्री आवास आई है। तुम्हारे पुराने घर को तोड़ लो ग्रामीण द्वारा पुराने घर को तोड़कर आवास में काम चालू हो गया। पहली किस्त में फाउंडेशन जमीन पर का कार्य हो गया। इसके बाद ग्राम पंचायत सरपंच ओमप्रकाश मालवीय मुझे बार-बार फोन लगाकर प्रधानमंत्री आवास के नाम पर दस हजार की मांग कर रहा है। ग्रामीण ओमप्रकाश का कहना है, कि मैंने सरपंच से कहा कि मेरे पास ₹10000 नहीं है। आप पहले बोलते तो मैं मेरा घर नहीं तोड़ता। ग्रामीण ओमप्रकाश ने बताया कि अब मुझे सरपंच द्वारा फोन लगाकर पैसे के लिए परेशान किया जा रहा है और सरपंच बोल रहा है कि यदि पैसे नहीं दिए तो तुम्हारी आवास आधी अधूरी पड़ी रह जाएगी। ग्रामीण का कहना है कि मुझे सरपंच बार-बार परेशान कर रहा था इसलिए मैंने सरपंच की पैसे मांगते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की है। ग्रामीण ओमप्रकाश का कहना है कि सरपंच के कहने पर मैंने अपना घर तोड़ लिया और बारिश आ गई अब मेरे परिवार को लेकर कहां जाऊं घर टूट जाने से मुझे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक सरपंच ने प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर जमकर उगाही की। और प्रधानमंत्री आवास के नाम पर ग्राम पंचायत गाजीखेड़ी में पहले भी इस तरह का मामला हो चुका है। लेकिन इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है इसके पीछे ग्रामीण बतातें की कुछ असरदारों का हाथ है।

आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है, जनपद पंचायत विभाग से में बात करूंगा। मामले की आवश्यक जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

विष्णु प्रसाद यादव एसडीएम इछावर

गंभीर मामला है,इस पूरे मामले में जांच करवाई जाएगी जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आयुषी गोयल सीईओ जनपद पंचायत इछावर

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