मध्यप्रदेश

शौचालय,पेंशन सहित अन्य योजनाओं को लेकर ग्रामीणों ने लगाए सरपंच सचिव रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार के आरोप

मामला इछावर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम जामली का है

शिवराजसिंह राजपूत
इछावर,एमपी मीडिया पॉइंट

ग्रामीणों का कहना सामाजिक तौर पर किया जा रहा है। भेदभाव उनके समाज एवं ग्राम के लोगों को दिया योजनाओं का लाभ हमारे गांव को छोड़ दिया।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे देश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण कर पूर्ण रूप से बाहर शौच मुक्त करने के लिए देश के प्रधानमंत्री द्वारा एक अभियान चलाया गया और लोगों को जागरूक करने के लिए करोड़ों रुपए विज्ञापन पर खर्च भी किए गए। इसके तहत जिला सीहोर के जनपद पंचायत इछावर के अंतर्गत ग्राम पंचायत जामली में सरपंच,सचिव व रोजगार सहायक की मिलीभगत कर इस पूरी योजना में बंदरबाट कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। इनके द्वारा शासकीय राशि का दुरुपयोग करते हुए आनन-फानन में बिना शौचालय का निर्माण किये ही फर्जी तरीके से ग्राम को पूर्ण रूप से बाहर शौच मुक्त ग्राम (ओडीएफ) की घोषणा भी करवा दी गई। ग्राम में कुछ शौचालय का निर्माण स्वयं हितग्राही द्वारा किया गया है। शासन द्वारा एक शौचालय का निर्माण में हितग्राही को 12 हजार रूपए दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन यहां शौचालय निर्माण अधूरा है तो कही बना ही नहीं है। इतना ही नहीं हितग्राहियों को बिना पैसे दिए ही राशि का आहरण कर लिया गया है। तो किसी जगह शौचालय की टंकी तक का निर्माण ही नहीं किया गया है, न ही दरवाजा हैं। न ही छत है।

ग्रामीणों ने सरपंच सचिव रोजगार सहायक पर लगाए आरोप

जामली निवासी सुंदरसिंह कर्मा का कहना है। कि मुझे दो हजार रुपए दिए गए हैं। मात्र और बाकी रोजगार सहायक द्वारा उसके खाते में ट्रांसफर कर लिए हैं। जिससे उनका कहना है। कि शौचालय का गड्ढा कम खुदा हुआ है। जिसके कारण वह बदबू मारता है। जिसके कारण बच्चे एवं मोहल्ले निवासी बीमार हो रहे हैं।

उधर ग्रामीण चन्दरसिंह उईके का कहना है,कि ग्राम के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक मुंह देखकर योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। हमारे घर कच्चे एवं टूटे-फूटे हैं। इसके बाद भी हमें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। सरपंच सचिव रोजगार सहायक उनके समाज वालों के यहां मौयापानी,नादियावाली,बालूपाट,सुआखेड़ा,विजयभेरू,आदि ग्रामो में प्रधानमंत्री आवास दे रहे हैं।बाकी हमारे गांव ग्राम जामली में योजनाओं से ग्रामीणों को वंचित रखा जा रहा है। और उनका कहना है कि सचिव आसाराम ग्राम पंचायत में एक एक हफ्ते तक नहीं आते हैं। यदि कोई काम होता है। तो उनके निजी निवास पर जाकर ही कार्य करवाना पड़ता है।

उधर ग्रामीण कलाबाईं का कहना है,कि हमने हमारे घर पर शौचालय बनवा लिया है। इसके बाद रोजगार सहायक द्वारा हमारे शौचालय के फोटो खींचकर एवं फार्म भरकर हमारी शौचालय के पैसे निकला लिए हैं। और हमें कुछ भी नहीं दिया।

वही 63 वर्षीय बुजुर्ग सहबति बाई का कहना है,कि मुझे मेरी पेंशन नहीं मिल रही है। मैं पिछले 2 वर्षों से सचिव को कागज दे रही हूं। इसके बाद भी मेरी पेंशन चालू नहीं हो रही है। वही सचिव से बोलती हूं तो बोलता है।तुम्हें काहे की भूख है। तुम्हारी पेंशन चालू नहीं करूंगा।

 

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आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है। जांच करवा कर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

आयुषी गोयल सीईओ
जनपद पंचायत इछावर

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