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भाऊँखेड़ी (इछावर): मृत परिजन के आत्मा की शांति के लिए की जा रही “पालिया देव” पूजा..

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मृत व्यक्तियों के आत्माओं की शान्ति के लिए हुई क्षेत्र में पालियादेव पूजन

राजेश बनासिया, भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पॉइंट

कहते है जिसकी अकाल मृत्यु हो जाती है उसकी आत्मा कई दिनों तक भटकती फिरती हैं और वह आत्मा तब तक परिवार के सदस्यों को परेशान करती रहती जब तक कि उस आत्मा का स्थाई रूप से परिवार वाले एक निश्चित जगह बंदोबस्त न कर दे,ऐसी ही आत्माओं की शान्ति के लिए मंगलवार के दिन इच्छावर ब्लाक के बहुत से गाँवो में पालियादेव पूजने का सिलसिला सुबह से अभी तक जारी हैं। जब कोई व्यक्ति परिवार में अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाता है तब कुछ दिनों बाद परिवार के लोग अपने खेत व कुवे पर मृत परिजन के आत्मा की शाँति के लिए एक निश्चित स्थान तय करके किसी पवित्र नदी से एक छोटा पत्थर लेकर आते है व उस पत्थर की विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद उसकी स्थापना पालिया देव के रूप में करते हैं।जिसकी समय समय पर पूजा करने से अकाल मृत्यु को प्राप्त इन्सान की आत्मा भटकती नही हैं

इस सम्बंध में ग्राम भाऊँखेड़ी,के बुजुर्ग हजारी लाल जी ने बताया की जिस तरह कोई शुभ कार्य करते समय गजानंद महाराज की पूजा पहले की जाती है इसी तरह परिवार में कोई भी सुभ मांगलिक कार्य की शुरुवात से पहले पालिया देव की पूजन की जाती है पालिया देव की पूजन पहले करने से परिवार के मांगलिक कार्य निर्विध्न रूप से सम्पन्न हो जाते हैं कई बार परिवार में मांगलिक कार्य से पहले अगर पालिया देव की पूजन नही की जाती है तो मृत आत्मा परिवार के किसी भी सदस्य के शरीर मे प्रवेश कर उन्हें याद तक दिला देती है। यह प्रमाण भी सो फीसदी सच है व लोगों की पालियादेव पूजन में गहरी आस्था हैं।पालियादेव की बड़ी पूजन वैसाख माह की चौदस के दिन लोग आदि अनादि काल से करते आ रहे है।

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